मौर्य समाज के एक ऐसा परिवार जिसे पांच बार मिला कुलपति का दायित्व


 जौनपुर। स्वतंत्र भारत के इतिहास तथा मौर्य कुशवाहा शाक्य सैनी जाति में ये ऐतिहासिक अद्भुत पृष्ठ जुड़ गया है, एक ही परिवार की दो पीढ़ी से तीन कुलपति  होना इतिहास रच गया है। जिसकी जितनी सराहना किया जाये कम ही होगा। 

पिता : 
प्रो. सरेन्द्र सिंह कुशवाहा
१) कुलपति
राँची विश्वविद्यालय,
झारखंड
२) कुलपति
महात्मा गाँधी काशी विद्यापीठ,
उत्तरप्रदेश रहे। 

पुत्र :
प्रो. साकेत कुशवाहा
१) कुलपति
ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय,
बिहार
अब
२) कुलपति
राजीव गाँधी केन्द्रीय विश्वविद्यालय,
अरुणाचल प्रदेश है 
और 
 पुत्री :
प्रो. निर्मला एस. मौर्या
१) कुलपति
पूर्वांचल विश्वविद्यालय,
उत्तर प्रदेश

इस तरह एक परिवार को पाँच बार कुलपति पद का दायित्व प्राप्त होना परिवार के लिए सर्वोच्च सम्मान है।
मंज़िले अभी आगे और भी हैं।

विजय विनीत वाराणसी 

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