किसान दवाओं का छिड़काव कर रबी की फसलों को कीड़ो और बीमारियों से बचा सकते है - कृषि रक्षा अधिकारी




 जौनपुर। प्रदेश में माह जनवरी में कहीं कहीं पर हो रही छिट-पुट वर्षा तथा गिरते हुये तापमान के साथ आद्र्रता बढ़ने के कारण गेहूॅ की फसल में पीली गेरूई रोग के प्रकोप की सम्भावना के दृष्टिगत जिला कृषि रक्षा अधिकारी राजेश कुमार राय ने जनपद के किसान भाइयों को सलाह दी है कि रबी फसलों में लगने वाले प्रमुख रोगों यथा-गेहूॅ में गेरूई, झुलसा, तुलासिता आदि से बचाव हेतु वे फसलों की सतत निगरानी करते हुये बचाव कार्य करें, जिसमें गेहूॅ की फसल में गेरूई एवं करनाल बण्ट रोग से सुरक्षात्मक बचाव हेतु प्रोपीकोनाजोल 25 प्रतिशत की 500 मि0ली0 मात्रा अथवा मैंकोजेब 75 प्रतिशत घु0चू0 अथवा जिनेब 75 प्रतिशत  घु0चू0 2 कि0ग्रा0 प्रति हे0 की दर से 600-700 लीटर पानी में घोलकर छिड़काव करें। आलू में पिछेती झुलसा के नियंत्रण हेतु कापर आक्सीक्लोराइड 50 प्रतिशत घु0चू0 625 ग्राम प्रति हे0 अथवा जिनेब 75 प्रतिशत घु0चू0 2 कि0ग्रा0 प्रति हे0 की दर से 500-600 लीटर पानी में घोल कर छिड़काव करें। मटर की फसल में तुलासिता रोग से नियंत्रण हेतु मैंकोजेब 75 प्रतिशत घु0चू0 अथवा जिनेब 75 प्रतिशत   घु0चू0 2 कि0ग्रा0 प्रति हे0 अथवा कापर आक्सीक्लोराइड 50 प्रतिशत घु0चू0 625 ग्राम प्रति हे0 की दर से 500-600 लीटर पानी में घोलकर छिड़काव करें। राई/सरसों की फसल में अल्टरनेरिया पत्ती धब्बा एवं सफेद गेरूई रोग के नियंत्रण हेतु मैंकोजेब 75 प्रतिशत घु0चू0 अथवा जिनेब 75 प्रतिशत घु0चू0 2 कि0ग्रा0 प्रति हे0 की दर से 600-750 लीटर पानी में घोलकर छिड़काव करें।

Comments

Popular posts from this blog

सपनों को संकल्प में बदलें युवा, विकसित भारत के बने सहभागी: राज्यपाल

कांवड़ यात्रा व त्योहारों पर जौनपुर प्रशासन मुस्तैद: डीएम ने जारी किए सख्त निर्देश, सीसीटीवी और गोताखोरों से होगी सुरक्षा

कौशल त्रिपाठी बने लायंस क्लब क्षितिज के अध्यक्ष