वर्ष 2020 प्रदेश की राजनीति के लिये जाने कितना रहा मनहूस


जौनपुर। साल 2020 इतना मनहूस रहा कि प्रदेश की तमाम राजनैतिक हस्तियों को काल के गाल में पहुंचा दिया है। इस तरह यह साल खासा मनहूसियत भरा रहा चाहे वह आर्थिक क्षेत्र हो सामाजिक हो अथवा कोई और क्षेत्र हो, लेकिन इस साल सबसे ज्यादा नुकसान यूपी के बडे राजनेताओं के निधन से हुआ है। इन मौतों में से अधिकतर नेताओं की मौत कोरोना संक्रमण के कारण ही हुई। यहां तक कि इस खतरनाक बीमारी ने राज्य सरकार के दो कैबिनेट मंत्रियों की भी जान ले ली।

राज्यपाल लालजी टंडन

यूपी भाजपा के बडे नेताओं में शुमार और मध्यप्रदेश के राज्यपाल लाल जी टंडन का 21 जुलाई को निधन हो गया। उनका लखनऊ के मेंदाता में कई दिनों तक इलाज चलता रहा। 85 वर्षीय लालजी टंडन को 11 जून को सांस लेने में तकलीफ और बुखार के चलते मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया था।


राज्य सभा सदस्य अमर सिंह

राज्यसभा सांसद अमर सिंह का एक अगस्त को निधन हो गया। वो पिछले 6 महीनों से सिंगापुर में इलाज करा रहे थे। 64 साल के अमर सिंह का किडनी ट्रांसप्लांट हुआ था और वो सिंगापुर के एक अस्पताल में आईसीयू में एडमिट थे । अमर सिंह समाजवादी पार्टी के बड़े नेताओं में से एक थे।


कैबिनेट मंत्री चेतन चैहान

उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री व पूर्व भारतीय सलामी बल्लेबाज चेतन चैहान का 16 अगस्त को 73 साल की उम्र में निधन हो गया। कोरोना से संक्रमित चौहान गुरूग्राम में मेदांता अस्पताल में भर्ती थे। उनके अंगों ने काम करना बंद कर दिया है और वह गुरूग्राम के अस्पताल में वेंटिलेटर पर थे।


कैबिनेट मंत्री कमल रानी वरूण

इसी साल प्रदेश की कैबिनेट मंत्री कमल वरुण का कोरोना से संक्रमित होने के बाद लखनऊ के पीजीआई में निधन हो गया। वे 18 जुलाई को कोरोना से संक्रमित हुई थीं और बाद में इलाज के लिए उन्हें लखनऊ पीजीआई में दाखिल कराया गया था।


समाजवादी पार्टी के पूर्व मंत्री घूराराम

यूपी में कोरोना संक्रमण के बीच समाजवादी पार्टी के नेता का कोरोना संक्रमण के चलते निधन हो गया। उन्हें 14 जुलाई को सांस लेने में दिक्कत के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद 15 जुलाई को उनकी इलाज के दौरान उनका निधन हो गया।


समाजवादी नेता बेनी प्रसाद वर्मा

पूर्व केंद्रीय मंत्री और सपा के संस्थापक सदस्य बेनी प्रसाद वर्मा का 28 मार्च को लखनऊ के मेदांता अस्पताल में निधन हो गया। वह लंबे समय से बीमार थे। वह सपा के संस्थापक सदस्य रहे थे। यहीं नहीं इसके बाद बेनी प्रसाद वर्मा के बेटे दिनेश वर्मा का भी निधन हो गया। कुछ दिन पहले वे भी कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे

 

समाजवादी पार्टी के पूर्व सांसद सीएन सिंह

समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद सीएन सिंह का 5 सितम्बर को लखनऊ में निधन हो गया। वे पिछले कुछ दिनों से बीमार थे और राजधानी के राममनोहर लोहिया अस्पताल में भर्ती थे। दिवंगत चंद्र नाथ सिंह प्रतापगढ़ के रहने वाले थे और काफी मिलनसार नेता माने जाते थे।


सपा एमएलसी एसआरएस यादव

समाजवादी पार्टी के संरक्षक मुलायम सिंह यादव के बेहद करीबी तथा समाजवादी पार्टी के मजबूत स्तम्भ एसआरएस यादव का 7 सितम्बर कोरोना वायरस संक्रमण के कारण निधन हो गया। समाजवादी पार्टी से विधान परिषद सदस्य एसआरएस यादव का संजय गांधी पीजीआइ के कोविड राजधानी अस्पताल में कई दिनों तक इलाज चलता रहा।

इसी तरह आठ सितम्बर को राज्य अल्पसंख्यक आयोग के पूर्व अध्यक्ष एंव भाजपा नेता डा. आशीष कुमार मैसी समेत शाहजहांपुर जिले के तीन नेताओं भाजपा ब्रज क्षेत्र के पूर्व उपाध्यक्ष मनोज कश्यप तथा राज्य महिला आयोग की पूर्व सदस्य सपा नेता कुसुमलता यादव की कोरोना से जान गई।

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