फर्जी शैक्षणिक दस्तावेज के सहारे बना उप निरीक्षक, अब एफआईआर दर्ज, चयन हुआ निरस्त


सहायक उप निरीक्षक (लेखा) भर्ती परीक्षा में फर्जी शैक्षणिक दस्तावेज के जरिये एक अभ्यर्थी चयनित हो गया। गोपनीय शिकायत पर जब जांच हुई तब इसका खुलासा हुआ। भर्ती बोर्ड के डीएसपी ने शुक्रवार को हुसैनगंज थाने में अभ्यर्थी पर एफआईआर दर्ज की है। उसका चयन भी निरस्त कर दिया गया है।
वर्ष 2021 में सहायक उप निरीक्षक (लेखा) पदों पर सीधी भर्ती में अयोध्या के ओमपुरम कालोनी निवासी कृष्ण कुमार गिरि ने आवेदन किया था। परीक्षा में सफल होने के बाद वह शारीरिक दक्षता परीक्षा में भी पास हो गया था। जिसके बाद उप निरीक्षक लेखा पद पर उसका चयन हो गया था। कृष्ण कुमार ने शैक्षणिक दस्तावेजाें में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन कंप्यूटर साइंस (पीजीडीसीए) प्रमाण पत्र लगाया था। दावा किया था कि छात्रपति साहू जी महाराज विश्वविद्यालय कानपुर(सीएसजेएमयू) से संबद्ध संस्थान आजाद महाविद्यालय भीतरगांव घाटमपुर से उसने ये डिप्लोमा किया था। इस दस्तावेज के सत्यापन के लिए भर्ती बोर्ड ने अयोध्या पुलिस को निर्देशित किया था। जब जांच हुई तो सीएसजेएमयू की तरफ से जानकारी उपलब्ध कराई गई कि इस नाम से कोई छात्र ने पीजीडीएसीए का डिप्लोमा नहीं किया है। मतलब अभ्यर्थी ने फर्जी प्रमाण पत्र लगाकार नौकरी पाई। इसलिए अब भर्ती बोर्ड के डीएसपी एहसान उल्लाह खान ने उस पर धोखाधड़ी करने की एफआईआर दर्ज कराई है।

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