श्रम संहिताओं के विरोध में दवा प्रतिनिधियों ने मनाया ‘काला दिवस’, पीएम को भेजा ज्ञापन

जौनपुर। अखिल भारतीय संगठन एफएमआरएआई के आवाहन पर बुधवार, 1 अप्रैल को यूपीएमएसआरए जौनपुर इकाई के सदस्यों सहित देशभर के दवा प्रतिनिधियों ने चार श्रम संहिताओं के विरोध में ‘काला दिवस’ मनाया। इस दौरान सदस्यों ने काली पट्टी बांधकर विरोध दर्ज कराया और प्रधानमंत्री को संबोधित मांग पत्र जिलाधिकारी जौनपुर के माध्यम से प्रेषित किया।

ज्ञापन में दवा प्रतिनिधियों ने चारों श्रम संहिताओं को निरस्त कर बिक्री संवर्धन कर्मचारी (सेवा की शर्तें) अधिनियम, 1976 को यथावत लागू रखने की मांग की। साथ ही निश्चित अवधि रोजगार पर नियुक्ति की अनुमति न देने, कर्मचारियों की छंटनी व स्थानांतरण पर रोक लगाने और नौकरी की सुरक्षा सुनिश्चित करने की बात कही गई।

संगठन ने सभी सेल्स प्रमोशन कर्मचारियों को समय पर पूर्ण वेतन भुगतान, अधिनियम व नियमों का सख्ती से पालन, तथा एफएमआरएआई से वार्ता के बाद वैधानिक कार्य नियम निर्धारित करने की मांग उठाई। इसके अतिरिक्त इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के माध्यम से निगरानी व गोपनीयता में हस्तक्षेप पर रोक लगाने की भी मांग की गई।

ज्ञापन में ईंधन व अन्य आवश्यक वस्तुओं की बढ़ती कीमतों को देखते हुए दैनिक व यात्रा भत्ता बढ़ाने, श्रम कानूनों का उल्लंघन करने वाले नियोक्ताओं पर कार्रवाई, न्यूनतम वेतन 26,910 रुपये प्रति माह निर्धारित करने तथा आठ घंटे कार्य दिवस लागू करने की मांग भी शामिल रही।

दवा प्रतिनिधियों ने अस्पतालों व संस्थानों में मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव के कार्य पर लगे प्रतिबंध को वापस लेने तथा उनके कार्य को आपराधिक कृत्य न मानने की भी मांग की। साथ ही ट्रेड यूनियनों व श्रमिकों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।

मांग पत्र सौंपने में अनिल मिश्रा, अजय चौरसिया, राजेश रावत, अच्युत दुबे, अमित रंजन श्रीवास्तव, सुनील प्रजापति, अभिषेक सिंह, शैलेंद्र मौर्य व राघवेंद्र सोलंकी की अहम भूमिका रही।

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