जौनपुर में प्राथमिक विद्यालय की व्यवस्थाशिक्षक की जगह बच्चो को पढ़ाती मिली रसोइया

 

जौनपुर । सरकार के तमाम प्रयासो के बाद भी प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था पटरी पर नहीं आ रही है। जनपद जौनपुर में विभागीय लापरवाही के उदाहरण खास मिलते है। ताजा मामला रामनगर विकास खंड के स्कूलों में देखने को मिला है। गुरुवार को निरीक्षण के दौरान एक विद्यालय में रसोइयां पढ़ाती मिलीं तो दूसरे विद्यालय में छात्र कमरे का ताला खोलते दिखे। इन दोनों विद्यालयों के अध्यापक नदारद रहे।
प्राथमिक विद्यालय नेवादा नंबर दो में प्रधानाध्यापक ऊषा देवी सहित अन्य तीन सहायक अध्यापक व दो शिक्षामित्र नियुक्त हैं। सुबह 9.10 बजे विद्यालय में पर कोई शिक्षक नहीं दिखे। छात्र विद्यालय का ताला खोल रहे थे। आधे घंटे बाद सहायक अध्यापक ध्यानचंद पहुंचे। अधिकांश बच्चे इधर-उधर टहलते नजर आए।
इसी तरह प्राथमिक विद्यालय बारीगांव में सुबह 9.30 पर रसोइयां को छात्रों को पढ़ाते देखा गया। सुबह 9.35 पर सहायक अध्यापक इंदू देवी आईं। बाकी शिक्षक नदारद रहे। इस संबंध में खंड शिक्षाधिकारी अजीत प्रताप सिंह से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि सभी गायब अध्यापकों से स्पष्टीकरण मांगा जाएगा और उनके खिलाफ कार्रवाई होगी। सवाल इस बात का है कि आखिर प्राथमिक विद्यालय की व्यवस्थाओ को सुधारने के लिए खंड शिक्षाधिकारी ने पहले प्रयास क्यों नहीं किया।

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