हम सब आदम और हौव्वा की औलाद, नफरत नहीं इंसानियत का संदेश दें : मौलाना डॉ. कल्बे रुशेद रिजवी
उन्होंने कहा कि मानवता की जड़ एक है। हमारे पूर्वज हज़रत आदम थे और हम सभी उनकी संतान हैं। सनातन धर्म हो या इस्लाम, हर धर्म अपने अनुयायियों को अपने-अपने तरीके से ईश्वर, अल्लाह या भगवान की उपासना करने की आज़ादी देता है। उन्होंने कहा कि जो लोग पूर्वजों की परंपरा अपनाने की बात करते हैं, उन्हें यह नहीं भूलना चाहिए कि पूरी मानवता की उत्पत्ति एक ही स्रोत से मानी जाती है।
पीओके (पाक अधिकृत कश्मीर) के मुद्दे पर मौलाना ने कहा कि "पीओके कल भी हमारा था, आज भी हमारा है और आगे भी हमारा रहेगा।" उन्होंने आरोप लगाया कि वहां की जनता पर अत्याचार हो रहे हैं और भविष्य में वहां के लोग भारत के साथ मिलकर विकास की राह पर आगे बढ़ना चाहेंगे।
ईरान से जुड़े हालिया घटनाक्रम पर उन्होंने कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से जुड़े घटनाक्रम का असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर देखने को मिला। उन्होंने ईरान की आर्थिक मजबूती और प्रतिबंधों के बावजूद उसके संघर्ष का उल्लेख करते हुए कहा कि ईरान ने कठिन परिस्थितियों में भी अपनी स्वतंत्र नीति बनाए रखी है। उन्होंने कहा कि ईरान के लोगों ने कर्बला से अन्याय के सामने झुकने के बजाय संघर्ष का संदेश सीखा है।
सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के आमरण अनशन पर उन्होंने कहा कि उनका आंदोलन लोकतांत्रिक तरीके से चल रहा है और उनकी मांगों पर सरकार को गंभीरता से विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि यह आंदोलन छात्रों और युवाओं से जुड़े मुद्दों, विशेषकर पेपर लीक जैसी समस्याओं के समाधान के लिए है, तो सरकार को सकारात्मक पहल करनी चाहिए।
अयोध्या में राम मंदिर के चढ़ावे से जुड़े कथित चोरी के मामले और वक्फ बोर्ड में भ्रष्टाचार के आरोपों पर उन्होंने कहा कि किसी भी धार्मिक संस्था में भ्रष्टाचार लोगों की आस्था को ठेस पहुंचाता है। सरकार को निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।
उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनाव पर मौलाना ने कहा कि अब केवल हिंदू-मुस्लिम की राजनीति से चुनाव नहीं जीते जाएंगे। उनके अनुसार प्रदेश का युवा अपने भविष्य, रोजगार और विकास के मुद्दों को प्राथमिकता देगा। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दल जातीय समीकरणों के आधार पर रणनीति बना रहे हैं, लेकिन आने वाला चुनाव राज्य ही नहीं, देश की राजनीति की दिशा भी तय कर सकता है।
बॉलीवुड अभिनेता आमिर खान की तीसरी शादी पर पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि भारत का संविधान प्रत्येक नागरिक को कानून के दायरे में विवाह करने का अधिकार देता है। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति के निजी जीवन को बेवजह विवाद का विषय बनाना उचित नहीं है।
अंत में मौलाना डॉ. कल्बे रुशेद रिजवी ने कहा कि भारत को आगे बढ़ाने के लिए सभी धर्मों और समाज के लोगों को मिलकर कार्य करना होगा। उन्होंने कहा कि दुनिया तेजी से बदल रही है और भारत की बड़ी आबादी देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
Comments
Post a Comment