एफसीआई का अधिकारी बन कर नौकरी देने के नाम 1.75 करोड़ रुपए की ठगी, पुलिस जांच में जुटी



जालसाजों ने खुद को एफसीआइ (फूड कार्पोरेशन ऑफ इंडिया) का अधिकारी बताकर करीब 60 बेरोजगारों को नौकरी दिलाने के नाम पर 1.75 करोड़ रुपये ठग लिए। पीडि़त की तहरीर पर महानगर पुलिस ने 12 आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। मामले की जांच कर रही है।

 इंस्पेक्टर महानगर प्रदीप कुमार सिंह ने बताया कि इंदिरानगर निवासी मनीष राय एक निजी कंपनी में नौकरी करते थे। नौकरी के दौरान उनकी मुलाकात सत्य प्रकाश त्रिपाठी नाम के व्यक्ति से हुई। उसने अपने साथी नीरज और अभिषेक दुबे से मुलाकात कराई। तीनों में दोस्ती हो गई। इस दौरान अभिषेक ने मनीष से कहा कि एफसीआइ में ग्रुप सी डिवीजन में सीधी भर्ती होने वाली है। मोटा वेतन मिलता है। रुपये खर्च करने पड़ेंगे पर नौकरी पक्का लग जाएगी। क्योंकि एफसीआइ दिल्ली में उसके कई बड़े अफसर जानने वाले हैं। मनीष और उनके कुछ रिश्तेदारों को नौकरी की जरूरत थी। अभिषेक के कहने पर वह अपने भांजे राम मनोहर राय, अनीस राय के अलावा अन्य परिचितों में मुन्ना, राजकुमार समेत कई लोगों के साथ दिल्ली पहुंचा। दिल्ली के बारा खंभा में आफिस का पता बताया गया था। वहां पर कविता चौबे और राजन चौबे से उनकी मुलाकात हुई। इन दोनों के अलावा रवि प्रकाश और राकेश सिंह भी मिले। उन्होंने बताया कि वह एफसीआइ में अधिकारी हैं। सभी के दस्तावेज आदि जमा किए गए। वर्ष 2019 में नीरज लखनऊ आया। महानगर स्थित एक रेस्टोरेंट में उसे 22 लाख रुपये दिए गए। इसके बाद कई अन्य किस्तों में कुल 60 लोगों से नीरज व अन्य ने 1.75 करोड रुपये लिए। रुपये लेने के बाद भी नौकरी नहीं लगी।

Comments

Popular posts from this blog

लोक जनशक्ति पार्टी के कार्यकर्ताओं ने केक काटकर मनाया राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान का जन्मदिन

दशहरा पर मलाक हरहर के मेले का एसीपी थरवई ने किया निरीक्षण, बोले - जनता की सुरक्षा के लिए मुस्तैद है पुलिस

पं. हनुमत् दत्त त्रिपाठी इंटर कॉलेज में राष्ट्रीय एकता दिवस पर ली गई शपथ