प्रदेश के सीएम योगी जी को सवालो के कटघरे में जानें कैसे खड़ा किए जौनपुर के सांसद बाबूसिंह कुशवाहा



जौनपुर। प्रदेश की राजधानी लखनऊ में दो दिन पहले शनिवार 26 अक्टूबर को पुलिस हिरासत में व्यापारी मोहित पांडेय की मौत होने के बाद प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार यानी 29 अक्टूबर को सुबह ही पीड़ित परिवार से मिले और पीड़ित परिवार को तत्काल 10 लाख की आर्थिक मदद दिए जाने और बच्चों को फ्री शिक्षा देने तथा सरकारी आवास के साथ अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ मिलने का आश्वासन दिये जाने पर विपक्ष के राजनैतिक जौनपुर की घटना को लेकर सवाल खड़े कर रहे है।
वही  जनपद जौनपुर के थाना शाहगंज में विगत 19 अक्टूबर 24 को पुलिस की अभिरक्षा में बड़ौना निवासी राजगीर श्रमिक मटरु बिंद की मौत पर मातमपोसी करने के लिए मुख्यमंत्री आज तक नहीं पहुंच सके है। इस बात की चर्चा जनपद के प्रबुद्ध जनो में शुरू हो गई है। विपक्ष भी सवाल शुरू कर दिया है कि आखिर सीएम योगी जौनपुर में पुलिस की अभिरक्षा में मरने वाले मटरु बिंद के घर शोक प्रकट करने क्यों नहीं आये। जब लखनऊ की घटना में जा सकते है तो जौनपुर क्यों नहीं आ रहे है?
इसके बाबत जौनपुर के सांसद बाबूसिंह कुशवाहा से बातचीत के दौरान सांसद श्री कुशवाहा ने कहा कि जौनपुर के शाहगंज और लखनऊ के चिनहट थाना परिसर में घटित मौत की घटनाएं एक जैसी रही है। लेकिन सीएम योगी जी लखनऊ के चिनहट थाने में पुलिस हिरासत में मृत व्यापारी मोहित पांडेय के घर तीसरे दिन पहुंच गये लेकिन जौनपुर के थाना शाहगंज में पुलिस हिरासत में पीडीए के राजगीर श्रमिक मटरु बिंद की मौत के लगभग दस दिन बीतने को है आज तक सीएम योगी जी ने श्रमिक परिवार से मिलना उचित नहीं समझा न ही उनका कोई प्रतिनिधि ही मातमपोसी करने इस गरीब के परिवार में गया है। इस भेदभाव के कारण का सहज अनुमान लगाया जा सकता है। सांसद श्री कुशवाहा ने कहा की योगी जी उत्तर प्रदेश के सीएम है उन्हे वोट की सियासत करने के बजाय प्रदेश के सभी पीड़ित जनो के आंसू पोछना चाहिए।
खबर है कि लखनऊ के चिनहट थाने की पुलिस मोहित पांडेय को चचेरे भाई के इशारे पर गिरफ्तार करके थाने पर ले गई और चचेरे भाई की साजिश में आकर मोहित की पिटाई की जब उसकी तबीयत खराब हुई तो उसे पानी देने के बजाय चिनहट पुलिस गाली देती रही और पुलिस के कृत्य एवं पिटाई से मोहित की मौत हो गई।लॉकअप में मोहित के साथ बंद उसके भाई शोभाराम ने मीडिया से बातचीत में कहा था कि भाई को लॉकअप में टॉर्चर किया गया है। उसे पीटा गया है। तबीयत खराब होने के बाद भी उसे अस्पताल नहीं पहुंचाया गया। मामले में मां की तहरीर पर चिनहट थाना इंस्पेक्टर और चचेरे भाई आदेश सहित कई लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। 
सांसद श्री कुशवाहा ने कहा कि सरकार ने यहां की पुलिस के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की इससे साफ संकेत मिलता है कि सरकार पुलिस को ऐसा कृत्य करने के लिए संरक्षण दे रही है। उन्होने कहा कि हलांकि सपा के लोग जौनपुर के थाना शाहगंज में पुलिस हिरासत में मरने वाले मटरु बिंद के परिवार को न्याय दिलाने के बाद ही शान्त होगी। मुख्यमंत्री को गरीब कमजोर से कोई लेना देना नहीं है वोट की राजनीति किया जा रहा है।उनकी मानवीय संवेदना गरीबो के प्रति नहीं दिख रही है।

Comments

  1. जो खुद भृष्टाचार में पूरा डूबा हो वो दूसरे को ज्ञान बांट रहा है , ये तो वही है जैसे अन्धा रेवड़ी बांटे पहिचान के ।

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