साबरमती ट्रेन हादसा: ड्राइवर और गार्ड के बयान से फिर आया नया मोड़


साबरमती एक्सप्रेस ट्रेन हादसे की जांच के लिए पुलिस की ओर से इंस्पेक्टर पनकी की अगुवाई में गठित एसआईटी ने शुक्रवार लोको पायलट एपी बुंदेला, असिस्टेंट लोको पायलट चेतराम मीना, गार्ड सुबोध तिवारी और पीडब्ल्यू आई मुकेश कुमार के बयान दर्ज किए।
ड्राइवर एपी बुंदेला ने एसआईटी को बताया कि 30 मीटर दूर से ही पटरी पर कुछ बाधा (ऑब्सटेकल) दिखी थी। ट्रेन 90 की स्पीड में थी। इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन रोकने की कोशिश की तो पहिया और पटरी के बीच रगड़ होने की वजह से पटरी उखड़ गई और ट्रेन बेपटरी हो गई।
गार्ड सुबोध तिवारी ने अपने बयान में कहा कि कानपुर सेंट्रल आने वाला था। यहां से स्टाफ बदलना था। अचानक एक तेज आवाज के साथ झटका लगा और कई कोच पटरी से उतर गए। जब बाहर झांका तो धूल ही धूल दिखाई दे रही थी। 
रात होने की वजह से कुछ समझ नहीं आ रहा था। हैंड सेट से ड्राइवर से संपर्क करने की कोशिश की लेकिन संपर्क नहीं हो पाया। वहीं पीडब्ल्यूआई मुकेश कुमार ने ट्रेन के पहिए और रेल के बीच के इंप्रेशन को लेकर बयान दिए।
एनआईए ने जांच कर रिपोर्ट की ली
गुरुवार से इस पूरे मामले की जांच में जुटी एनआईए ने शुक्रवार को लगभग 100 लोगों के बयानों की कॉपी ली। घटनास्थल का निरीक्षण किया। फॉरेंसिक टीम की जांच की रिपोर्ट के आधार पर उन लोगों से बात की जो घटनास्थल के सबसे करीब थे। 

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