जौनपुर: निजीकरण का प्रस्ताव रद्द करने सहित कई मांगों को लेकर विद्युत मजदूर संघ ने मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन


जौनपुर। उत्तर प्रदेश विद्युत मजदूर संघ, भारतीय मजदूर संघ और अखिल भारतीय विद्युत मजदूर महासंघ के आह्वान पर शुक्रवार को राष्ट्रव्यापी शांतिपूर्ण आंदोलन के तहत जिले में बिजली विभाग के कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया। इस दौरान महामंत्री विवेक सिंह के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कर्मचारी जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा।

कर्मचारियों ने ज्ञापन के माध्यम से कई प्रमुख मांगें रखीं। इनमें प्रमुख रूप से—

  • निजीकरण का प्रस्ताव रद्द करना: पूर्वांचल और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण को जनहित व कर्मचारियों के हित में वापस लिया जाए।
  • राज्य विद्युत परिषद का पुनर्गठन: 25 जनवरी 2000 के समझौते के अनुरूप ऊर्जा निगमों का एकीकरण कर परिषद का पुनर्गठन किया जाए।
  • रियायती बिजली सुविधा बहाल: कर्मचारियों को मिलने वाली रियायती बिजली सुविधा पर मीटर लगाने का आदेश तत्काल वापस लिया जाए।
  • फेशियल अटेंडेंस का विरोध: फेशियल अटेंडेंस के स्थान पर वैकल्पिक उपस्थिति प्रणाली लागू की जाए।
  • संविदा कर्मियों की कटौती बंद और कर्मचारियों पर दर्ज मुकदमों की वापसी।

महामंत्री विवेक सिंह ने कहा कि ये मांगें श्रमिकों की वास्तविक अपेक्षाओं और उपभोक्ताओं के हितों से जुड़ी हैं। सरकार को चाहिए कि इन पर गंभीरता से विचार कर शीघ्र सकारात्मक निर्णय ले।

इस मौके पर फूलचन्द्र भारती, रंजन यादव, पवन कुमार, प्रणव सिंह, कुलदीप यादव, ऋषि श्रीवास्तव, शैलेश श्रीवास्तव, पीयूष सिंह, विनोद यादव, आशीष यादव, उमेश कुमार समेत बड़ी संख्या में कर्मचारी मौजूद रहे।

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