TET की अनिवार्यता के विरोध में शिक्षकों का हल्ला बोल, सांसद को सौंपा ज्ञापन

जौनपुर। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद TET की अनिवार्यता को लेकर प्राथमिक शिक्षक संघ 1160 के पदाधिकारियों ने जोरदार विरोध दर्ज कराया। बुधवार को संघ ने प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन सांसद बाबू सिंह कुशवाहा को सौंपते हुए सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की।

इस मौके पर प्रांतीय महामंत्री व जिलाध्यक्ष अनिल यादव ने कहा कि वर्ष 2017 में जारी भारत सरकार का राजपत्र शिक्षकों के लिए “काला कानून” है। इसमें RTE एक्ट लागू होने से पहले कार्यरत शिक्षकों पर भी TET अनिवार्यता थोप दी गई है, जो अनुचित है।

जिलामंत्री डॉ. भानु प्रताप राव ने कहा कि जब तक 2017 के राजपत्र में संशोधन नहीं होगा, शिक्षकों के साथ न्याय संभव नहीं है। वहीं बदलापुर अध्यक्ष उमेश चंद्र मिश्र ने कहा कि “खेल के बीच में नियम नहीं बदले जाते”, लेकिन न्यायालय का यह निर्णय इसके ठीक विपरीत है।

इस अवसर पर बदलापुर, खुटहन, महराजगंज समेत विभिन्न ब्लॉकों के सैकड़ों शिक्षक मौजूद रहे। ज्ञापन सौंपने वालों में उमेश चंद्र मिश्र, राय साहब यादव, नंद कुमार यादव, प्रमोद यादव, नवीन शर्मा, संजय सरोज, प्रदीप यादव समेत बड़ी संख्या में पदाधिकारी और शिक्षक शामिल थे।

ज्ञापन सौंपने के बाद शिक्षकों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने इस पर गंभीरता से विचार नहीं किया तो आंदोलन तेज़ किया जाएगा।

Comments

Popular posts from this blog

लोक जनशक्ति पार्टी के कार्यकर्ताओं ने केक काटकर मनाया राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान का जन्मदिन

पं. हनुमत् दत्त त्रिपाठी इंटर कॉलेज में राष्ट्रीय एकता दिवस पर ली गई शपथ

दशहरा पर मलाक हरहर के मेले का एसीपी थरवई ने किया निरीक्षण, बोले - जनता की सुरक्षा के लिए मुस्तैद है पुलिस